रिंग ऐप ऑटो डेबिट कैसे बंद करें? जानें बाउंस चार्ज और ई-नैच (e-NACH) रोकने का सही तरीका

आज के समय में रिंग ऐप (Ring Loan App) भारत में काफी लोकप्रिय हो चुका है। यह ऐप लोगों को बहुत ही आसान प्रक्रिया के जरिए तुरंत छोटा पर्सनल लोन या क्रेडिट लिमिट प्रदान करता है। लेकिन रिंग ऐप से लोन लेते समय लगभग सभी ग्राहकों को एक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसे ई-नैच (e-NACH) या ऑटो डेबिट (Auto-Debit) मैंडेट कहा जाता है।

Ring app auto debit kaise band karein
Image :रिंग ऐप से ऑटो पे डेबिट को बंद करने का पूरा प्रोसेस | Credit : Munafamarket

यह मैंडेट इसलिए सेट कराया जाता है ताकि हर महीने आपके लोन की ईएमआई (EMI) सीधे आपके बैंक खाते से कट जाए। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता और ऑटो डेबिट बाउंस हो जाता है। ऐसे में बैंक आपके खाते से भारी-भरकम बाउंस चार्ज काट लेते हैं। कई बार तो रिंग ऐप एक ही दिन में दो से तीन बार पैसे काटने की कोशिश करता है, जिससे आपके बैंक अकाउंट से हजारों रुपये केवल बाउंस चार्ज के रूप में कट जाते हैं।

यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं और जानना चाहते हैं कि Ring app auto debit kaise band karein, तो यह लेख आपके लिए ही है। इस लेख में हम आपको बैंक से रिंग ऐप का ऑटो डेबिट रोकने और बाउंस चार्ज से बचने के सभी कानूनी और आसान तरीकों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

रिंग ऐप में ऑटो डेबिट (e-NACH) क्या होता है?

जब आप रिंग ऐप से लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो लोन राशि आपके खाते में भेजने से पहले ऐप आपसे ऑटो डेबिट सेटअप करने के लिए कहता है। इसे ई-मैंडेट (e-Mandate) या ई-नैच (e-NACH) भी कहा जाता है। इसे सेटअप करने के लिए आपको अपने नेट बैंकिंग का पासवर्ड या डेबिट कार्ड का पिन डालना पड़ता है।

एक बार जब यह सेटअप हो जाता है, तो नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के जरिए रिंग ऐप को यह अधिकार मिल जाता है कि वह हर महीने की तय तारीख को आपके बैंक खाते से सीधे लोन की किस्त (EMI) काट सके। इसका फायदा यह होता है कि आपको खुद से भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन नुकसान यह है कि यदि आपके खाते में पैसे नहीं हैं, तो यह सीधे आपके बैंक बैलेंस को माइनस में ले जा सकता है।

ऑटो डेबिट बाउंस चार्ज क्या है और बैंक कितना चार्ज लेते हैं?

जब रिंग ऐप आपके खाते से ईएमआई काटने की कोशिश करता है और उस समय आपके खाते में ईएमआई के बराबर पैसे नहीं होते, तो बैंक इस ट्रांजैक्शन को रिजेक्ट कर देता है। इसे ही ‘ऑटो डेबिट बाउंस’ या ‘ईसीएस बाउंस’ (ECS Bounce) कहा जाता है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह बाउंस चार्ज रिंग ऐप नहीं काटता, बल्कि आपका बैंक काटता है। भारत के अलग-अलग बैंक इसके लिए काफी बड़ा चार्ज वसूलते हैं। देश के कुछ प्रमुख बैंकों के बाउंस चार्जेस की सूची इस प्रकार है:

  1. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): प्रत्येक बाउंस पर 295 रुपये (जीएसटी सहित)।
  2. एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): प्रत्येक बाउंस पर 590 रुपये (जीएसटी सहित)।
  3. आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): प्रत्येक बाउंस पर 590 रुपये (जीएसटी सहित)।
  4. एक्सिस बैंक (Axis Bank): प्रत्येक बाउंस पर 590 रुपये (जीएसटी सहित)।
  5. कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank): प्रत्येक बाउंस पर 354 रुपये (जीएसटी सहित)।

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि अगर आपके खाते में बैलेंस नहीं है, तो रिंग ऐप का सिस्टम लगातार तीन-चार दिनों तक या कभी-कभी एक ही दिन में कई बार पैसे काटने की रिक्वेस्ट बैंक को भेजता है। जितनी बार रिक्वेस्ट रिजेक्ट होगी, बैंक उतनी ही बार आपके खाते से चार्ज काटेगा। इस प्रकार बिना लोन चुकाए ही आपके खाते से 1000 से 2000 रुपये तक कट जाते हैं।

रिंग ऐप का ऑटो डेबिट बंद करने के 4 आसान तरीके

अपने बैंक खाते से रिंग ऐप के ऑटो डेबिट मैंडेट को रोकने के लिए आप नीचे दिए गए तरीकों का उपयोग कर सकते हैं। इन तरीकों को अपनाकर आप अपने बैंक खाते को खाली होने से बचा सकते हैं।

तरीका 1: नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए (सबसे आसान तरीका)

यदि आप अपने बैंक की नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो आप घर बैठे ही रिंग ऐप के मैंडेट को सस्पेंड या कैंसिल कर सकते हैं।

  1. सबसे पहले अपने बैंक की नेट बैंकिंग वेबसाइट पर जाएं या मोबाइल बैंकिंग ऐप में लॉगिन करें।
  2. मेनू में जाकर ‘Services’ या ‘Payments’ सेक्शन पर क्लिक करें।
  3. यहाँ आपको ‘e-Mandate’ या ‘Manage NACH’ या ‘Standing Instructions’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
  4. अब आपके सामने उन सभी कंपनियों की लिस्ट आ जाएगी जिन्हें आपने ऑटो डेबिट का अधिकार दिया है। यहाँ रिंग ऐप के पेमेंट पार्टनर जैसे PayU, Kissht, SiCreva, या Onemona को ढूंढें।
  5. इसके बाद उस मैंडेट पर क्लिक करके ‘Cancel Mandate’ या ‘Cancel Autopay’ के विकल्प को चुनें और सबमिट कर दें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे दर्ज करते ही आपका ऑटो डेबिट बंद हो जाएगा।

तरीका 2: यूपीआई ऐप्स (Google Pay, PhonePe, Paytm) के जरिए

यदि आपने रिंग ऐप का ऑटो डेबिट सेटअप करते समय अपने यूपीआई (UPI) आईडी का उपयोग किया था, तो आप इसे अपने यूपीआई ऐप से सीधे बंद कर सकते हैं।

  1. अपने फोन में वह यूपीआई ऐप (जैसे PhonePe या Google Pay) खोलें जिससे आपने मैंडेट सेट किया था।
  2. अपनी प्रोफाइल पिक्चर पर क्लिक करके ‘Settings’ में जाएं।
  3. यहाँ आपको ‘Autopay’ या ‘Automatic Payments’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
  4. लिस्ट में से रिंग ऐप या उसके पार्टनर (PayU/Kissht) के ऑटोपे मैंडेट को चुनें।
  5. नीचे दिए गए ‘Remove Autopay’ या ‘Pause Autopay’ बटन पर क्लिक करें और अपना यूपीआई पिन डालकर इसे सबमिट कर दें। इसके बाद यूपीआई के जरिए होने वाला ऑटो डेबिट बंद हो जाएगा।

तरीका 3: बैंक ब्रांच में जाकर ई-नैच स्टॉप पेमेंट फॉर्म भरना

यदि आप ऑनलाइन तरीकों से ऑटो डेबिट बंद नहीं कर पा रहे हैं, तो आप सीधे अपनी बैंक शाखा (Branch) में जाकर इसे लिखित रूप में बंद करवा सकते हैं।

  1. अपने बैंक की होम ब्रांच में जाएं और वहां के अधिकारी से ‘NACH Mandate Cancellation Form’ या ‘ECS Stop Payment Form’ मांगें।
  2. फॉर्म में अपनी सभी डिटेल्स जैसे बैंक खाता संख्या, अपना नाम और उस मैंडेट का यूएमआरएन (UMRN) नंबर भरें जो आपके बैंक स्टेटमेंट में रिंग ऐप के ट्रांजैक्शन के साथ लिखा होता है।
  3. फॉर्म पर अपने हस्ताक्षर करें और इसे बैंक में जमा कर दें। बैंक अधिकारी आपके आवेदन को स्वीकार करने के बाद 24 से 48 घंटे के भीतर आपके खाते से रिंग ऐप के ऑटो डेबिट को ब्लॉक कर देगा।

तरीका 4: रिंग ऐप कस्टमर केयर से संपर्क करके

यदि आपका लोन पूरा हो चुका है या आप अपनी ईएमआई खुद मैन्युअल रूप से चुकाना चाहते हैं, तो आप सीधे रिंग ऐप से भी मैंडेट कैंसिल करने का अनुरोध कर सकते हैं।

  1. रिंग ऐप खोलें और इसके ‘Help & Support’ सेक्शन में जाएं।
  2. आप उनके आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर सकते हैं या सीधे अपने रजिस्टर्ड ईमेल से care@paywithring.com पर ईमेल लिख सकते हैं।
  3. ईमेल में अपना लोन अकाउंट नंबर लिखें और साफ शब्दों में लिखें कि आप अपना ऑटो डेबिट मैंडेट कैंसिल करना चाहते हैं।
  4. ध्यान रहे कि रिंग ऐप आपका मैंडेट तभी कैंसिल करेगा जब आपका पिछला कोई बकाया (Overdue) न हो।

ऑटो डेबिट बंद करने के बाद ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें

अपने बैंक खाते से ऑटो डेबिट रोकने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपका लोन माफ हो गया है। ऑटो डेबिट बंद करने के बाद आपको निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:

  1. समय पर मैन्युअल पेमेंट करें: ऑटो डेबिट बंद होने के बाद आपको हर महीने की तय तारीख से पहले रिंग ऐप में जाकर खुद से नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई के जरिए ईएमआई का भुगतान करना होगा।
  2. लेट फीस से बचें: यदि आप समय पर ईएमआई नहीं चुकाएंगे, तो रिंग ऐप आप पर भारी लेट फीस (Late Payment Penalty) लगाएगा।
  3. सिबिल स्कोर पर असर: ईएमआई बाउंस होने या पेमेंट में देरी होने से आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर बहुत तेजी से गिरता है, जिससे भविष्य में आपको किसी भी बैंक से लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं मिल पाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या मैं बिना लोन चुकाए रिंग ऐप का ऑटो डेबिट बंद कर सकता हूँ?

उत्तर: तकनीकी रूप से आप अपने बैंक के जरिए ऑटो डेबिट को ब्लॉक या कैंसिल कर सकते हैं। लेकिन लोन का भुगतान न करने पर रिंग ऐप आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है, लेट फीस लगा सकता है और आपका सिबिल स्कोर खराब हो सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि लोन चुकाने के बाद ही मैंडेट बंद करें।

प्रश्न 2: रिंग ऐप मेरे खाते से एक दिन में कितनी बार ऑटो डेबिट ट्रिगर कर सकता है?

उत्तर: यदि आपके खाते में बैलेंस नहीं है, तो रिंग ऐप का सिस्टम ईएमआई वसूलने के लिए एक ही दिन में 2 से 3 बार ऑटो डेबिट की रिक्वेस्ट बैंक को भेज सकता है। इससे बचने के लिए आपको तुरंत अपने बैंक से स्टॉप पेमेंट की रिक्वेस्ट डालनी चाहिए।

प्रश्न 3: क्या बैंक द्वारा काटे गए ऑटो डेबिट बाउंस चार्ज को वापस पाया जा सकता है?

उत्तर: यदि बैंक ने नियमों के विरुद्ध या तकनीकी खराबी के कारण आपके खाते से बाउंस चार्ज काटा है, तो आप बैंक मैनेजर को एप्लीकेशन देकर इसे रिवर्स करने का अनुरोध कर सकते हैं। लेकिन यदि आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं था, तो बैंक यह चार्ज वापस नहीं करता है।

प्रश्न 4: बैंक स्टेटमेंट में रिंग ऐप का ट्रांजैक्शन किस नाम से दिखाई देता है?

उत्तर: रिंग ऐप का ट्रांजैक्शन आमतौर पर बैंक स्टेटमेंट में PayU, Kissht, SiCreva, Onemona, या Onemeta के नाम से दिखाई देता है। ई-मैंडेट कैंसिल करते समय आपको इसी नाम को खोजना होगा।

निष्कर्ष: रिंग ऐप जैसी कंपनियों से मिलने वाला लोन आपातकालीन स्थितियों में बहुत मददगार होता है, लेकिन बिना सोचे-समझें ऑटो डेबिट एक्टिव रखना आपके बैंक बैलेंस के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यदि आप समय पर मैन्युअल पेमेंट करने में सक्षम हैं, तो सुरक्षा के लिहाज से अपने बैंक खाते का ऑटो डेबिट बंद रखना ही समझदारी है। इससे आप बैंकों द्वारा वसूले जाने वाले अनुचित बाउंस चार्जेस से पूरी तरह बच सकते हैं। आशा है कि इस लेख की मदद से आप समझ गए होंगे कि रिंग ऐप का ऑटो डेबिट कैसे बंद करना है। वित्त और निवेश से जुड़ी ऐसी ही सटीक जानकारियों के लिए मुनाफ़ा मार्केट के साथ जुड़े रहें।

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