Unclaimed Dividend and Shares Claim Process IEPF Portal in Hindi: अटके शेयर वापस पाएं

भारत में कई परिवारों की पुरानी अलमारियों या फाइलों में दशकों पुराने कागजी शेयर सर्टिफिकेट्स (जैसे रिलायंस, टाटा, विप्रो या एसबीआई) रखे मिलते हैं। कई बार दादा-परदादा या माता-पिता द्वारा खरीदे गए इन शेयरों की जानकारी समय पर न होने या पता बदलने के कारण लाभांश (Dividend) के चेक बैंक खाते तक नहीं पहुँच पाते हैं। भारतीय कंपनी अधिनियम के नियमों के अनुसार, यदि किसी शेयर का डिविडेंड लगातार 7 वर्षों तक अनक्लेम्ड (बिना दावा किया हुआ) रहता है, तो कंपनी को उस डिविडेंड की राशि के साथ-साथ उन मूल शेयरों को भी केंद्र सरकार के ‘आईईपीएफ फंड’ (IEPF – Investor Education and Protection Fund) में ट्रांसफर करना पड़ता है।

Unclaimed Dividend and Shares Claim Process IEPF Portal (1)
Image : Unclaimed Dividend and Shares Claim Process IEPF Portal | Credit : Munafamarket

कई लोग सोचते हैं कि सरकारी खाते में जाने के बाद उनका पैसा हमेशा के लिए डूब गया, जो कि पूरी तरह गलत है। इस विस्तृत गाइड में हम कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के आधिकारिक नियमों के आधार पर समीक्षा करेंगे कि unclaimed dividend and shares claim process iepf portal in hindi (आईईपीएफ पोर्टल से अनक्लेम्ड डिविडेंड और शेयर वापस पाने की प्रक्रिया) क्या है, ई-फॉर्म IEPF-5 कैसे भरें, आवश्यक दस्तावेज कौन से हैं और अपने हक का पैसा डिमैट खाते में कैसे ट्रांसफर करवाएं।

सही कानूनी प्रक्रिया अपनाकर आप अपने या अपने पूर्वजों के अटके हुए लाखों रुपये के शेयर और डिविडेंड अपने डिमैट खाते में सुरक्षित वापस ला सकते हैं।

आईईपीएफ (IEPF) क्या है और शेयर सरकारी खाते में क्यों जाते हैं?

आईईपीएफ (इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड) कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) द्वारा स्थापित एक सरकारी प्राधिकरण (Authority) है।

कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 124(6) के अनुसार, यदि कोई शेयरधारक लगातार 7 वर्षों तक अपनी कंपनी से मिलने वाले डिविडेंड पर दावा नहीं करता है, तो कंपनी के लिए वह पूरी राशि और संबंधित शेयर आईईपीएफ प्राधिकरण को सौंपना अनिवार्य हो जाता है। आईईपीएफ का मुख्य उद्देश्य वास्तविक शेयरधारकों के पैसों को सुरक्षित रखना और धोखाधड़ी से बचाना है।

unclaimed dividend and shares claim process iepf portal in hindi: समय-सीमा सारणी

आईईपीएफ क्लेम प्रक्रिया के विभिन्न चरणों और समय-सीमा का विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:

क्लेम का चरण (Stage)निर्धारित समय-सीमा (Timeline)आवश्यक कार्रवाई (Action Required)जिम्मेदार पक्ष (Entity)
1. ई-फॉर्म IEPF-5 फाइलिंगऑनलाइन तुरंत (SRN जेनरेशन)MCA पोर्टल पर फॉर्म भरकर एसआरएन पानानिवेशक (Investor)
2. फिजिकल दस्तावेज जमाफॉर्म फाइल करने के 15 दिनों मेंकंपनी के नोडल अधिकारी को दस्तावेज भेजनानिवेशक
3. वेरिफिकेशन रिपोर्टदस्तावेज प्राप्ति के 30 दिनों मेंकंपनी द्वारा वेरिफिकेशन रिपोर्ट अपलोड करनाकंपनी / RTA
4. शेयर व डिविडेंड ट्रांसफररिपोर्ट अप्रूव होने के 60 दिनों मेंडिमैट खाते में शेयर व बैंक में पैसा ट्रांसफरआईईपीएफ अथॉरिटी

ई-फॉर्म IEPF-5 ऑनलाइन भरने की 5-स्टेप चरणबद्ध प्रक्रिया

आईईपीएफ से अपने शेयर और डिविडेंड वापस पाने के लिए निम्नलिखित 5 स्टेप्स का पालन करें:

चरण 1: अनक्लेम्ड शेयरों की स्थिति जांचें

सबसे पहले आधिकारिक IEPF Portal पर जाएं और ‘Search Unclaimed Dividend/Shares’ सेक्शन में कंपनी का नाम, अपना नाम या फोलियो नंबर दर्ज करके चेक करें कि आपके शेयर आईईपीएफ में ट्रांसफर हुए हैं या नहीं।

चरण 2: एमसीए (MCA) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन व फॉर्म IEPF-5 फाइलिंग

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट (mca.gov.in) पर अपना अकाउंट बनाएं। इसके बाद e-Form IEPF-5 खोलें और उसमें अपनी बुनियादी जानकारी, कंपनी का CIN नंबर, डिमैट अकाउंट विवरण (DP ID & Client ID) और अनक्लेम्ड शेयरों की संख्या दर्ज करके सबमिट करें। सबमिट होते ही एक एसआरएन (SRN – Service Request Number) जनरेट होगा।

चरण 3: क्षतिपूर्ति बंधपत्र (Indemnity Bond) और दस्तावेज तैयार करें

सिस्टम द्वारा जनरेट किए गए फॉर्म IEPF-5 का प्रिंटआउट निकालें। ₹500 के नॉन-जुडिशियल स्टाम्प पेपर पर क्षतिपूर्ति बंधपत्र (Indemnity Bond) और एडवांस रसीद (Advance Receipt) तैयार करके अपने हस्ताक्षर करें।

चरण 4: कंपनी के नोडल अधिकारी को फिजिकल दस्तावेज भेजें

तैयार किए गए सभी दस्तावेजों के सेट को कंपनी के ‘IEPF Nodal Officer’ या कंपनी के रजिस्ट्रार (RTA like KFintech या Link Intime) के पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा भेजें। लिफाफे पर “Claim for refund from IEPF Authority” अवश्य लिखें।

चरण 5: कंपनी वेरिफिकेशन और आईईपीएफ द्वारा शेयर ट्रांसफर

कंपनी आपके दस्तावेजों का मिलान अपने रिकॉर्ड से करेगी और 30 दिनों के भीतर आईईपीएफ अथॉरिटी को ‘ए-वेरिफिकेशन रिपोर्ट’ भेजेगी। आईईपीएफ अथॉरिटी द्वारा जांच पूरी होने के बाद आपके शेयर सीधे आपके डिमैट खाते में और डिविडेंड की राशि आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

आईईपीएफ क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट

  • ऑनलाइन भरे गए e-Form IEPF-5 की हस्ताक्षरित प्रति और एसआरएन पावती (SRN Acknowledgement)
  • ₹500 के स्टाम्प पेपर पर मूल Indemnity Bond और गवाहों के हस्ताक्षर
  • हस्ताक्षरित Advance Receipt (जिस पर ₹1 का रेवेन्यू स्टाम्प लगा हो)
  • डिमैट अकाउंट का क्लाइंट मास्टर लिस्ट (Client Master List – CML) स्टाम्प के साथ
  • मूल शेयर सर्टिफिकेट (यदि कागजी शेयर हैं) या पुरानी डिविडेंड वारंट की कॉपी
  • निवेशक का सेल्फ-अटेस्टेड पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक का रद्द चेक (Cancelled Cheque)

क्लेम रिजेक्ट होने से बचने की 3 जरूरी सावधानियां

  • नाम और हस्ताक्षर का मिसमैच (Signature Mismatch): यदि पैन कार्ड और पुराने शेयर सर्टिफिकेट में नाम या हस्ताक्षर भिन्न हैं, तो पहले कंपनी से नाम/हस्ताक्षर गजट नोटिफिकेशन के जरिए अपडेट करवाएं।
  • फिजिकल दस्तावेज भेजने में देरी: ऑनलाइन IEPF-5 फॉर्म भरने के 15 दिनों के भीतर कंपनी के पास फिजिकल पेपर पहुँच जाने चाहिए, वरना SRN अमान्य हो सकता है।
  • डिमैट CML स्टाम्प: डिमैट खाते का CML लेटर आपके डीपी (ब्रोकर) द्वारा अटेस्टेड और सील लगा होना अनिवार्य है।

संक्षेप में कहें तो, unclaimed dividend and shares claim process iepf portal in hindi की सही कानूनी प्रक्रिया अपनाकर आप अपने या अपने पूर्वजों के सालों पुराने अटके हुए शेयरों और डिविडेंड को पूरी सुरक्षा के साथ अपने डिमैट खाते में वापस ला सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या 7 साल बाद आईईपीएफ में गए शेयर हमेशा के लिए जब्त हो जाते हैं?

उत्तर: नहीं, आईईपीएफ में जाने के बाद भी शेयरों का मालिकाना हक आपका ही रहता है। आप कभी भी फॉर्म IEPF-5 भरकर उन्हें वापस क्लेम कर सकते हैं।

Q2. आईईपीएफ क्लेम की पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगता है?

उत्तर: दस्तावेज जमा करने के बाद पूरी सत्यापन और शेयर ट्रांसफर प्रक्रिया में औसतन 3 से 6 महीने का समय लगता है।

Q3. क्या मृत व्यक्ति (Deceased Holder) के शेयरों को लीगल वारिस क्लेम कर सकते हैं?

उत्तर: हाँ, लेकिन इसके लिए पहले उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (Succession Certificate या Legal Heir Certificate) के जरिए ट्रांसमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

Q4. क्या आईईपीएफ फॉर्म भरने के लिए कोई सरकारी फीस लगती है?

उत्तर: नहीं, एमसीए (MCA) पोर्टल पर ई-फॉर्म IEPF-5 दाखिल करने के लिए कोई सरकारी फीस नहीं लगती है।

Q5. क्या अनक्लेम्ड शेयर सीधे सेविंग्स अकाउंट में आते हैं?

उत्तर: नहीं, अनक्लेम्ड डिविडेंड का पैसा बैंक अकाउंट में आता है, लेकिन शेयर केवल आपके डिमैट अकाउंट (Demat Account) में ही ट्रांसफर होते हैं।

अस्वीकरण : इस लेख में दी गई जानकारी कंपनी अधिनियम 2013 और आईईपीएफ अथॉरिटी के नियमों पर आधारित है। विभिन्न कंपनियों के रजिस्ट्रार (RTA) के दस्तावेज प्रारूप में थोड़ा अंतर हो सकता है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक आईईपीएफ पोर्टल पर नियम जांच लें।

Mahesh Choudhary

Mahesh Choudhary

महेश चौधरी Munafamarket.com के संस्थापक और संपादक हैं। उन्हें फाइनेंस इंडस्ट्री में गहरी दिलचस्पी है और उन्हें क्रेडिट कार्ड्स, डीमेट एंड ट्रेडिंग अकाउंट और बैंकिंग सेक्टर के लेटेस्ट ट्रेंड्स की अच्छी जानकारी है। महेश चौधरी मुनाफा मार्केट पर फाइनेंस और टेक को कवर करने के साथ-साथ, वे सटीक, अच्छी तरह से रिसर्च किए गए और आसानी से समझ में आने वाले लेख प्रकाशित करने के लिए समर्पित हैं, जो पाठकों को सही निर्णय लेने में मदद करते हैं। उनका कंटेंट गहन रिसर्च, व्यावहारिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स पर आधारित होता है।

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