भारतीय परिवारों में अक्सर लोगों के पास एक से अधिक बैंक खाते (जैसे SBI, HDFC, ICICI, PNB या बैंक ऑफ बड़ौदा) होते हैं। कई बार नौकरी बदलने, शहर बदलने या किसी अन्य कारण से लोग अपने पुराने बचत खाते (Savings Account) का इस्तेमाल बंद कर देते हैं। जब 2 साल तक किसी बैंक खाते में कोई लेनदेन नहीं होता, तो बैंक सुरक्षा कारणों से उस खाते को ‘इनऑपरेटिव’ (Inoperative) या ‘डोरमेंट’ (Dormant) श्रेणी में डाल देते हैं।

खाता डोरमेंट होते ही उसमें से एटीएम (ATM), यूपीआई (UPI) और नेटबैंकिंग लेनदेन बंद हो जाते हैं। कई ग्राहक सोचते हैं कि उनका जमा पैसा डूब गया है या बैंक उसे चालू करने के लिए भारी पेनल्टी वसूलेंगे। ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इनऑपरेटिव खातों के लिए नए मास्टर निर्देश जारी किए हैं। इस विस्तृत गाइड में हम समीक्षा करेंगे कि how to reactivate inoperative bank account online rbi rules in hindi (इनऑपरेटिव या डोरमेंट बैंक खाते को ऑनलाइन चालू करने के नए आरबीआई नियम) क्या हैं, वीडियो-केवाईसी (V-CIP) से ऑनलाइन एक्टिवेशन का तरीका, जीरो-फीस अधिकार और 3 दिनों में खाता सक्रिय कराने की पूरी जानकारी।
इनऑपरेटिव या डोरमेंट बैंक अकाउंट (Inoperative Account) क्या होता है?
आरबीआई के नियमों के अनुसार, यदि किसी बचत या चालू खाते में लगातार 2 वर्षों (24 महीनों) तक कोई ‘ग्राहक-प्रेरित लेनदेन’ (Customer-Initiated Transaction) नहीं होता है, तो बैंक उस खाते को इनऑपरेटिव घोषित कर देता है।
यहाँ ‘ग्राहक-प्रेरित लेनदेन’ का अर्थ है:
- वित्तीय लेनदेन: नकद जमा/निकासी, यूपीआई, एटीएम, एनईएफटी, चेक द्वारा भुगतान या ऑनलाइन ट्रांसफर।
- गैर-वित्तीय लेनदेन: पासबुक अपडेट कराना, बैलेंस चेक करना, चेकबुक का अनुरोध करना या केवाईसी अपडेट करना।
- नोट: बैंक द्वारा जमा किया गया ब्याज या काटा गया एसएमएस चार्ज ‘ग्राहक-प्रेरित’ नहीं माना जाता है।
आरबीआई के 5 सबसे बड़े ग्राहक-हितैषी नियम
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इनऑपरेटिव खातों के संबंध में निम्नलिखित सख्त निर्देश जारी किए हैं:
- 1. शून्य एक्टिवेशन शुल्क (Zero Reactivation Fee): बैंक किसी भी इनऑपरेटिव या डोरमेंट खाते को दोबारा चालू करने के लिए ग्राहक से ₹1 की भी फीस या शुल्क नहीं ले सकते। यह सेवा पूरी तरह से मुफ्त है।
- 2. न्यूनतम बैलेंस पेनल्टी पर पूरी तरह रोक: जब कोई खाता इनऑपरेटिव श्रेणी में चला जाता है, तो बैंक उस पर न्यूनतम बैलेंस न रखने का पेनल्टी चार्ज (Non-Maintenance Charges) नहीं काट सकते। यदि किसी बैंक ने पेनल्टी काटी है, तो ग्राहक उसे वापस करने की मांग कर सकता है।
- 3. ब्याज का नियमित भुगतान (Interest Credit): भले ही आपका खाता डोरमेंट हो जाए, लेकिन आपके खाते में पड़े पैसे पर बैंक को नियमानुसार हर तिमाही में बचत खाते का ब्याज जमा करना अनिवार्य है।
- 4. 3 कार्य दिवसों में एक्टिवेशन (3 Days TAT): जब ग्राहक आवश्यक दस्तावेज जमा कर देता है, तो बैंक को 3 कार्य दिवसों (3 Working Days) के भीतर खाता अनिवार्य रूप से सक्रिय करना होगा।
- 5. ऑनलाइन वीडियो-केवाईसी (V-CIP) की सुविधा: ग्राहकों को अपनी होम ब्रांच जाए बिना घर बैठे खाता चालू करने के लिए आरबीआई ने बैंकों को डिजिटल माध्यमों और वीडियो-केवाईसी (Video-KYC) से री-केवाईसी करने का निर्देश दिया है।
how to reactivate inoperative bank account online rbi rules in hindi
आरबीआई के नए नियमों और ग्राहक अधिकारों की तुलना नीचे दी गई तालिका में की गई है:
| नियम मापदंड (Parameter) | नए आरबीआई नियम (New RBI Rules) | ग्राहक अधिकार (Customer Rights) | एक्टिवेशन समय-सीमा (TAT) |
|---|---|---|---|
| एक्टिवेशन शुल्क (Fee) | बिल्कुल मुफ्त (Zero Charges) | ₹1 भी शुल्क न देने का अधिकार | तुरंत लागू |
| न्यूनतम बैलेंस पेनल्टी | पेनल्टी काटना पूरी तरह प्रतिबंधित | पुराना मूल बैलेंस सुरक्षित रहना | तुरंत लागू |
| डिजिटल री-केवाईसी (V-CIP) | वीडियो-केवाईसी व नेटबैंकिंग | बिना शाखा जाए ऑनलाइन एक्टिवेशन | 3 कार्य दिवस |
| ब्याज जमा होना | नियमित रूप से ब्याज जमा होगा | पूरा ब्याज पाने का कानूनी अधिकार | हर तिमाही पर |
| 10 साल पुराना खाता (Unclaimed) | उद्गम पोर्टल (UDGAM) से दावा | ब्याज सहित पूरा पैसा वापस पाना | 7 से 10 कार्य दिवस |
डोरमेंट अकाउंट को ऑनलाइन एक्टिव करने की 4-स्टेप प्रक्रिया
यदि आपका बैंक खाता इनऑपरेटिव हो गया है, तो इसे घर बैठे ऑनलाइन एक्टिव करने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
चरण 1: नेटबैंकिंग या मोबाइल ऐप में लॉगिन करें
अपने बैंक की मोबाइल बैंकिंग ऐप (जैसे SBI YONO, HDFC NetBanking, ICICI iMobile) या नेटबैंकिंग पोर्टल में लॉगिन करें।
चरण 2: Re-KYC / Account Activation विकल्प चुनें
सर्विस सेक्शन में जाएं और ‘Services’ ➔ ‘Re-KYC’ या ‘Reactivate Inoperative Account’ का चयन करें।
चरण 3: वीडियो-केवाईसी (V-CIP) प्रक्रिया पूरी करें
स्क्रीन पर दिए गए वीडियो-केवाईसी लिंक पर क्लिक करें। बैंक का प्रतिनिधि आपके साथ लाइव वीडियो कॉल पर जुड़ेगा। आपको अपना मूल पैन कार्ड (PAN) और आधार कार्ड (Aadhaar) दिखाना होगा।
चरण 4: छोटा ग्राहक-प्रेरित लेनदेन करें
केवाईसी स्वीकृत होने के बाद, अपने खाते में ₹10 का ऑनलाइन यूपीआई ट्रांसफर करें या मिनी स्टेटमेंट चेक करें। लेनदेन होते ही आपका खाता पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। आरबीआई के इनऑपरेटिव अकाउंट्स मास्टर निर्देशों के लिए आप Reserve Bank of India की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
10 साल पुराने अनक्लेम्ड डिपॉजिट (UDGAM Portal) से पैसा वापस कैसे पाएं?
यदि किसी बैंक खाते में लगातार 10 वर्षों तक कोई लेनदेन नहीं होता, तो वह राशि आरबीआई के ‘डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड’ में चली जाती है।
- उद्गम पोर्टल (UDGAM Portal): आप आरबीआई के आधिकारिक पोर्टल
udgam.rbi.org.inपर जाकर अपने या अपने पूर्वजों के 10 साल पुराने अनक्लेम्ड डिपॉजिट की खोज कर सकते हैं और बैंक शाखा में री-केवाईसी दस्तावेज जमा करके ब्याज सहित अपना पूरा पैसा वापस पा सकते हैं।
संक्षेप में कहें तो, how to reactivate inoperative bank account online rbi rules in hindi के नए आरबीआई नियमों की सही समझ रखकर आप बिना किसी परेशानी या फीस के अपना सालों पुराना बंद खाता ऑनलाइन चालू करवा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या इनऑपरेटिव बैंक खाते को चालू करने के लिए पैसे लगते हैं?
उत्तर: नहीं, आरबीआई नियमों के अनुसार डोरमेंट या इनऑपरेटिव बैंक खाते को चालू करने के लिए बैंक ₹1 की भी फीस नहीं ले सकते।
Q2. बैंक खाता कितने दिन में इनऑपरेटिव घोषित हो जाता है?
उत्तर: जब किसी बचत या चालू खाते में लगातार 2 साल (24 महीने) तक कोई ग्राहक-प्रेरित लेनदेन नहीं होता, तो वह इनऑपरेटिव हो जाता है।
Q3. क्या बिना होम ब्रांच गए इनऑपरेटिव खाता चालू हो सकता है?
उत्तर: हाँ, आप अपने बैंक की किसी भी निकटतम शाखा में जाकर या नेटबैंकिंग/वीडियो-केवाईसी के जरिए ऑनलाइन री-केवाईसी करके खाता चालू कर सकते हैं।
Q4. डोरमेंट खाते का पैसा अनब्लॉक होने में कितना समय लगता है?
उत्तर: वैध केवाईसी दस्तावेज जमा करने या वीडियो-केवाईसी पूरा होने के 3 कार्य दिवसों (3 Working Days) के भीतर खाता चालू हो जाता है।
Q5. क्या इनऑपरेटिव खाते में जमा पैसे पर ब्याज मिलता रहता है?
उत्तर: हाँ, खाता इनऑपरेटिव होने के बावजूद बैंक को आपके बचत खाते में जमा राशि पर नियमित रूप से तिमाही ब्याज देना अनिवार्य है।
अस्वीकरण : इस लेख में दी गई जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के इनऑपरेटिव एकाउंट्स एवं अनक्लेम्ड डिपॉजिट्स मास्टर दिशानिर्देशों पर आधारित है। विभिन्न बैंकों (SBI, HDFC, ICICI, PNB) की ऑनलाइन वीडियो-केवाईसी प्रक्रिया और इंटरफेस में थोड़ा अंतर हो सकता है। खाता चालू करने से पहले अपनी बैंक शाखा या कस्टमर केयर से संपर्क करें।









