भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ (IPO) का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। मेनबोर्ड से लेकर एसएमई (SME) आईपीओ तक, लाखों खुदरा निवेशक (Retail Investors) हर हफ्ते शेयरों के लिए बोली लगाते हैं। आईपीओ में आवेदन करने के लिए सेबी द्वारा एएसबीए (ASBA – Application Supported by Blocked Amount) प्रणाली अनिवार्य की गई है। इसके तहत जब आप यूपीआई (UPI Mandate) या नेट बैंकिंग के जरिए आईपीओ अप्लाई करते हैं, तो आपका पैसा आपके ही बैंक खाते में ब्लॉक हो जाता है, कटता नहीं है। यदि आपको आईपीओ में शेयर अलॉट नहीं होते, तो बैंक को देय तिथि तक वह ब्लॉक राशि तुरंत अनब्लॉक (रिलीज) करनी होती है।

हालांकि, कई बार बैंक की तकनीकी कमियों के कारण निवेशकों का ₹15,000 से लेकर ₹1,50,000 तक का फंड कई हफ्तों तक ब्लॉक रहता है। इस विस्तृत लेख में हम गहराई से समीक्षा करेंगे कि ASBA IPO amount unblock delay penalty SEBI rules (आईपीओ अनब्लॉक देरी पर सेबी के पेनल्टी नियम) क्या हैं, बैंक से ₹100 प्रति दिन का हर्जाना (Compensation) कैसे प्राप्त करें और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया क्या है।
सेबी के कड़े नियमों के अनुसार, यदि बैंक अनब्लॉक करने में बेवजह देरी करता है, तो उसे निवेशक को रोजाना के हिसाब से वित्तीय मुआवजा देना पड़ता है।
एएसबीए (ASBA) क्या है और पैसा कैसे ब्लॉक होता है?
एएसबीए (ASBA) सेबी द्वारा शुरू की गई एक सुरक्षित व्यवस्था है, जिससे आईपीओ में आवेदन करते समय आपका पैसा आपके खाते में ही सुरक्षित रहता है।
जब आप Zerodha, Groww या Angel One जैसे ऐप्स से आईपीओ अप्लाई करके PhonePe या Google Pay पर यूपीआई मैंडेट अप्रूव करते हैं, तो आपका बैंक उतनी राशि को आपके खाते में होल्ड (Block) कर देता है। शेयर अलॉट होने पर ही पैसा खाते से कटता है, अन्यथा अलॉटमेंट न मिलने की स्थिति में मैंडेट रद्द करके बैंक को राशि अनब्लॉक करनी होती है।
ASBA IPO amount unblock delay penalty SEBI rules: समय-सीमा और मुआवजा सारणी
सेबी के मास्टर सर्कुलर के अनुसार आईपीओ अनब्लॉक की समय-सीमा और देरी पर पेनल्टी का विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:
| आईपीओ चरण (IPO Event) | सेबी निर्धारित समय-सीमा (SEBI Timeline) | देरी होने पर पेनल्टी नियम (Penalty Rules) | जिम्मेदार पक्ष (Responsible Party) |
|---|---|---|---|
| अलॉटमेंट का दिन (Allotment Date) | T+1 कार्य दिवस (T+1 Working Days) | अनब्लॉक फाइल रजिस्ट्रार द्वारा बैंक को भेजना | आईपीओ रजिस्ट्रार (RTA like KFintech) |
| अनब्लॉक पूरा होना (Unblock Done) | अलॉटमेंट के अगले कार्य दिवस (T+2 Days) | देरी होने पर ₹100 प्रति दिन मुआवजा शुरू | प्रायोजक बैंक / एससीएसबी (SCSB Bank) |
| बैंक द्वारा मुआवजा भुगतान | स्वतः खाते में जमा या शिकायत के 7 दिन में | देरी के कुल दिनों का ₹100/दिन की दर से भुगतान | संबंधित बैंक (Self Certified Bank) |
| सेबी स्कोर्स पर शिकायत | 7 दिनों में समाधान न होने पर | सेबी द्वारा बैंक पर प्रशासनिक दंडात्मक कार्रवाई | सेबी (SEBI Regulator) |
सेबी के ₹100 प्रति दिन के मुआवजे (Penalty/Compensation) का कड़ा नियम
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सर्कुलर संख्या SEBI/HO/CFD/DIL2/CIR/P/2021/2480/1/M के तहत अनब्लॉक में देरी पर बहुत सख्त नियम बनाए हैं:
- ₹100 प्रति दिन का हर्जाना: यदि आईपीओ अलॉटमेंट फाइनल होने के अगले कार्य दिवस (T+2 दिन) तक आपका ब्लॉक पैसा अनब्लॉक नहीं होता है, तो बैंक को देरी के प्रत्येक दिन के लिए ₹100 की दर से निवेशक को मुआवजा देना अनिवार्य है।
- स्वतः भुगतान (Automatic Compensation): सेबी के नियमानुसार बैंक को यह ₹100/दिन का मुआवजा बिना ग्राहक के मांगे अपने आप उनके बैंक खाते में क्रेडिट करना चाहिए। यदि बैंक ऐसा नहीं करता है, तो ग्राहक इसके लिए दावा कर सकता है।
- बैंक पर जवाबदेही: यदि देरी प्रायोजक बैंक (Sponsor Bank) या यूपीआई एनपीसीआई (NPCI) की तकनीकी खामी के कारण हुई है, तब भी प्राथमिक रूप से निवेशक का बैंक (SCSB) ही मुआवजा देने के लिए जिम्मेदार होगा।
आईपीओ का पैसा अनब्लॉक न होने पर ₹100/दिन मुआवजा पाने के 4 कदम
यदि आपका आईपीओ फंड तय समय के बाद भी ब्लॉक दिख रहा है, तो मुआवजा पाने के लिए निम्नलिखित 4 चरणों का पालन करें:
1. बैंक खाते और यूपीआई मैंडेट का स्टेटस जांचें
सबसे पहले अपने यूपीआई ऐप (GPay/PhonePe) के ‘Mandates’ सेक्शन में जाकर चेक करें कि मैंडेट ‘Revoked’ या ‘Live’ दिख रहा है। अपने बैंक के नेट बैंकिंग पोर्टल पर लेजर बैलेंस और होल्ड बैलेंस की जांच करें।
2. बैंक के नोडल अधिकारी और रजिस्ट्रार को ईमेल भेजें
अपने बैंक की आधिकारिक ग्राहक सेवा और नोडल अधिकारी (Nodal Officer) को अपने पंजीकृत ईमेल से एक औपचारिक शिकायत ईमेल भेजें। ईमेल में निम्नलिखित विवरण अवश्य लिखें:
- आईपीओ का नाम और एप्लीकेशन नंबर (Application Number)
- निवेशक का पैन कार्ड नंबर (PAN Card) और बैंक खाता नंबर
- जिस तारीख से पैसा ब्लॉक है और जितने दिन की देरी हुई है (उदा. 5 दिन की देरी = ₹500 मुआवजा दावा)। साथ ही आईपीओ के रजिस्ट्रार (जैसे KFintech या Link Intime) की ईमेल आईडी को भी कार्बन कॉपी (CC) में रखें।
3. एनपीसीआई (NPCI) पोर्टल पर यूपीआई शिकायत दर्ज करें
यदि आवेदन यूपीआई के जरिए किया गया था, तो एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Dispute Redressal Mechanism’ में ‘IPO Mandate Unblock Delay’ की शिकायत दर्ज करें।
4. सेबी स्कोर्स (SEBI SCORES) पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत
यदि बैंक 7 दिनों के भीतर आपका पैसा अनब्लॉक नहीं करता है या ₹100/दिन का मुआवजा देने से इंकार करता है, तो सीधे Securities and Exchange Board of India के आधिकारिक SEBI SCORES पोर्टल (scores.sebi.gov.in) पर लॉगिन करके बैंक के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। सेबी की मध्यस्थता के बाद बैंक को तुरंत आपका पैसा और हर्जाना जारी करना पड़ेगा।
बैंक अनब्लॉक करने में देरी क्यों करते हैं?
- मैंडेट एंड-डेट (Mandate End Date) का मिसमैच: कई बार यूपीआई मैंडेट बनाते समय उसकी समाप्ति तिथि 15 से 30 दिन बाद की सेट हो जाती है। बैंक का ऑटोमेटेड सर्वर उस तारीख तक पैसे को ब्लॉक रखता है।
- बैंक सर्वर और एपीआई एरर: अलॉटमेंट के दिन लाखों आवेदनों के अनब्लॉक रिक्वेस्ट एक साथ आने पर बैंक के सर्वर में तकनीकी खराबी आ जाती है।
संक्षेप में, ASBA IPO amount unblock delay penalty SEBI rules की सही जानकारी होने पर आप न केवल अपना अटका पैसा तुरंत अनब्लॉक करवा सकते हैं, बल्कि बैंक की लापरवाही के लिए अपना ₹100 प्रति दिन का कानूनी हर्जाना भी वसूल कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या ₹100 प्रति दिन का मुआवजा पाने के लिए कोई फीस देनी होती है?
उत्तर: नहीं, मुआवजा पाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता। यह बैंक द्वारा अपनी देरी की भरपाई के लिए निवेशक को दिया जाने वाला मुआवजा है।
Q2. सेबी के नियम अनुसार आईपीओ का पैसा कितने दिन में अनब्लॉक होना चाहिए?
उत्तर: अलॉटमेंट फाइनल होने के अगले कार्य दिवस (T+2 दिन) तक पैसा पूरी तरह से अनब्लॉक हो जाना चाहिए।
Q3. यदि मैंडेट की अंतिम तिथि 1 महीने बाद की है, तो क्या बैंक तब तक पैसा रोकेगा?
उत्तर: नहीं, भले ही मैंडेट एंड-डेट बाद की हो, अलॉटमेंट न मिलने पर सेबी के नियमानुसार बैंक को T+2 दिन में ही मैंडेट रिवोक करना अनिवार्य है।
Q4. सेबी स्कोर्स (SCORES) पोर्टल पर शिकायत का निवारण कितने दिन में होता है?
उत्तर: सेबी स्कोर्स पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित बैंक को 30 दिनों के भीतर मामला सुलझाकर रिपोर्ट जमा करनी होती है।
Q5. क्या एसएमई (SME) आईपीओ पर भी ₹100/दिन की पेनल्टी का नियम लागू होता है?
उत्तर: हाँ, सेबी के एएसबीए नियम मेनबोर्ड और एसएमई दोनों प्रकार के आईपीओ आवेदनों पर समान रूप से लागू होते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सेबी (SEBI) के मास्टर सर्कुलर्स और एएसबीए गाइडलाइन्स पर आधारित है। विभिन्न बैंकों की आंतरिक शिकायत निवारण प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है। किसी भी कानूनी दावे के लिए सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नवीनतम सर्कुलर पढ़ें।









