क्या आपको अचानक पैसों की जरूरत है और आप अपने मोबाइल से तुरंत लोन पाना चाहते हैं? यदि आप म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में निवेश के लिए ग्रो (Groww) ऐप का उपयोग करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर यह है कि ग्रो ऐप अब केवल निवेश का जरिया नहीं, बल्कि 5 मिनट में तुरंत लोन देने वाला एक लोकप्रिय फिनटेक प्लेटफॉर्म भी बन चुका है।

ग्रो ऐप अपने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा पंजीकृत एनबीएफसी पार्टनर्स (जैसे DMI Finance, Aditya Birla Capital, IDFC First Bank, Groww Creditserv और Mirae Asset) के जरिए ग्राहकों को तीन प्रकार के लोन प्रदान करता है: इंस्टेंट पर्सनल लोन, म्यूचुअल फंड के बदले लोन और शेयरों के बदले लोन।
इस विस्तृत और व्यावहारिक गाइड में हम समीक्षा करेंगे कि groww app se loan kaise le in hindi (ग्रो ऐप से लोन लेने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया), जरूरी दस्तावेज, पात्रता, ब्याज दरें, लोन रिजेक्ट होने पर दोबारा अप्लाई करने का तरीका और शेयर व म्यूचुअल फंड गिरवी रखकर लोन लेने की पूरी जानकारी।
Groww App से लोन कैसे लें? (स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया)
ग्रो ऐप से पर्सनल लोन लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से 100% डिजिटल और पेपरलेस (Paperless) है। यदि आपको ऐप में लोन का विकल्प दिख रहा है, तो लोन लेने के लिए निम्नलिखित 6 आसान कदम उठाएं:
पहला कदम: Groww App खोलें और Loans सेक्शन पर जाएं
अपने मोबाइल में ग्रो ऐप (Groww App) खोलें और बायोमेट्रिक या पिन दर्ज करके लॉगिन करें। नीचे दिए गए मेन्यू में ‘Loans’ या ‘Personal Loan‘ के विकल्प पर टैप करें।
दूसरा कदम: लोन राशि और ईएमआई (EMI) अवधि चुनें
यदि आपका प्रोफाइल प्री-अप्रूव्ड (Pre-approved) है, तो स्क्रीन पर आपको स्वीकृत लोन राशि (जैसे ₹50,000 से ₹5 लाख तक) दिखाई देगी। अपनी जरूरत के अनुसार स्लाइडर को घुमाकर लोन की रकम और ईएमआई चुकाने का समय (3 महीने से 60 महीने) चुनें।
तीसरा कदम: बैंक खाता और ई-मैंडेट (NACH Auto-Debit) सेट करें
उस बैंक खाते का चयन करें जिसमें आप लोन का पैसा ट्रांसफर कराना चाहते हैं। हर महीने ईएमआई की स्वतः कटौती के लिए अपने नेटबैंकिंग या डेबिट कार्ड से ई-मैंडेट (NACH) स्वीकृत करें।
चौथा कदम: सेल्फी और केवाईसी (KYC) सत्यापन
अपने मोबाइल कैमरे से एक साफ सेल्फी लें और आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) के जरिए अपना डिजिटल केवाईसी सत्यापन पूरा करें।
पांचवां कदम: लोन एग्रीमेंट पर डिजिटल हस्ताक्षर करें
स्क्रीन पर दिए गए लोन एग्रीमेंट (Loan Agreement) को ध्यान से पढ़ें। इसमें दर्ज ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और नियम पढ़कर आधार ओटीपी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर (e-Sign) करें।
छठा कदम: बैंक खाते में लोन राशि जमा होना
सभी प्रक्रियाएं पूरी होते ही 5 से 15 मिनट के भीतर स्वीकृत लोन राशि (प्रोसेसिंग फीस काटकर) सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाती है।
ग्रो पर्सनल लोन की पात्रता, दस्तावेज और ब्याज दरें
ग्रो ऐप से पर्सनल लोन लेने के लिए आपके पास निम्नलिखित पात्रता और दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:
आवश्यक पात्रता (Eligibility Criteria):
- आयु: आपकी उम्र 21 वर्ष से 58 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- नागरिकता: आप भारत के निवासी होने चाहिए।
- रोजगार की स्थिति: आप किसी कंपनी में वेतनभोगी (Salaried) या स्व-रोजगार (Self-employed) होने चाहिए।
- सिबिल स्कोर: आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर कम से कम 700 या उससे अधिक होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required):
- पैन कार्ड (PAN Card): पहचान और सिबिल जांच के लिए।
- आधार कार्ड (Aadhaar Card): पते के प्रमाण और ई-साइन के लिए।
- बैंक खाता विवरण: पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट।
ब्याज दरें और प्रोसेसिंग फीस:
- सालाना ब्याज दर (Interest Rate): 12% से 28% प्रति वर्ष (कम होते बैलेंस की दर पर)।
- प्रोसेसिंग फीस: लोन राशि का 2% से 4% + 18% जीएसटी।
- ईएमआई अवधि (Tenure): 3 महीने से लेकर 60 महीने तक।
ग्रो ऐप पर लोन रिजेक्ट होने के 5 कारण और दोबारा अप्लाई करने का तरीका
कई बार जब यूज़र्स ग्रो ऐप पर लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो स्क्रीन पर “Application Rejected” या “Pre-approved Loan Offer Not Available” लिखा आ जाता है। यदि आपके साथ भी groww loan rejection reasons and reapply process in hindi जैसी स्थिति बनती है, तो इसके 5 मुख्य कारण और सुधार के उपाय नीचे दिए गए हैं:
1. सिबिल स्कोर 700 से कम होना या लेट ईएमआई का रिकॉर्ड
यदि पिछले 1 साल में आपके किसी लोन या क्रेडिट कार्ड की ईएमआई 1 दिन भी लेट हुई है, तो सिस्टम आपका आवेदन तुरंत निरस्त कर देता है।
2. पुरानी ईएमआई का बोझ (आय का 50% से अधिक होना)
यदि आपकी महीने की कमाई ₹30,000 है और आपकी पुरानी किस्तें मिलाकर पहले से ही ₹15,000 से अधिक जा रही हैं, तो बैंक आपको नया लोन देने में कतराते हैं।
3. पेमेंट्स बैंक या बंद पड़ा बैंक खाता लिंक होना
यदि आपने पेटीएम पेमेंट्स बैंक, एयरटेल पेमेंट्स बैंक या कोई पुराना इनएक्टिव खाता जोड़ रखा है जो ऑटो-डेबिट का समर्थन नहीं करता, तो आवेदन रिजेक्ट हो जाएगा।
4. आपके क्षेत्र या पिनकोड पर सेवा न होना
ग्रो के कुछ लेंडर्स की सेवाएं कुछ छोटे कस्बों या विशिष्ट पिनकोड पर उपलब्ध नहीं होती हैं। यदि आपका घर या ऑफिस ऐसे पिनकोड में आता है, तो आपको लोन का ऑफर दिखाई नहीं देगा।
5. नाम, पते या पैन कार्ड के डेटा में अंतर होना
फॉर्म भरते समय लिखा गया नाम, जन्मतिथि या पता आपके पैन कार्ड, आधार कार्ड या बैंक स्टेटमेंट से 1% भी अलग होने पर सुरक्षा कारणों से रिजेक्शन हो जाता है।
दोबारा सही तरीके से अप्लाई करने के 4 कदम:
- पहला कदम: लोन रिजेक्ट होते ही बार-बार अप्लाई बटन न दबाएं। कम से कम 30 से 60 दिनों का समय लें।
- दूसरा कदम: अपनी सिबिल रिपोर्ट निकालें, छोटे-मोटे बकाया बिल चुकता करें और अपना स्कोर 720 के पार ले जाएं।
- तीसरा कदम: ग्रो ऐप में अपना मुख्य बैंक खाता जोड़ें और नया 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट अपलोड करें।
- चौथा कदम: 30 दिन पूरे होने पर ग्रो ऐप के हेल्प सेक्शन में जाकर दोबारा अप्लाई करें।
Groww Loan Against Mutual Funds (म्यूचुअल फंड के बदले लोन)
यदि आपके पास ग्रो ऐप में म्यूचुअल फंड का पोर्टफोलियो है, तो आपको महंगे पर्सनल लोन (18% से 24% ब्याज) लेने की कोई जरूरत नहीं है। आप अपने म्यूचुअल फंड को गिरवी रखकर बहुत ही कम ब्याज पर पैसा उठा सकते हैं।
मुख्य विशेषताएं और नियम:
- कितना लोन मिलेगा: कम से कम ₹10,000 और अधिकतम ₹1 करोड़ तक का लोन मिल सकता है।
- लिमिट का नियम: इक्विटी म्यूचुअल फंड के कुल मूल्य का 50% तक और डेट म्यूचुअल फंड की वैल्यू का 80% तक लोन स्वीकृत होता है।
- सस्ती ब्याज दर: इसमें मात्र 10.5% से 12.5% सालाना की दर से ब्याज लगता है।
- केवल निकाली गई रकम पर ब्याज: यदि आपकी मंजूर लिमिट ₹2 लाख है और आप सिर्फ ₹40,000 निकालते हैं, तो ब्याज केवल ₹40,000 पर ही लगेगा।
- बिना किसी पेनल्टी के खाता बंद करें: इस लोन को आप जब चाहें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पूरा बंद कर सकते हैं।
- प्रोसेसिंग फीस: ₹499 से ₹999 + जीएसटी।
Groww Loan Against Shares (शेयरों के बदले लोन और मार्जिन कॉल)
ग्रो ऐप अपने डिमैट अकाउंट होल्डर को उनके खाते में मौजूद चुने हुए शेयर्स (A-Group शेयर्स) के बदले भी सुरक्षित लोन लेने की सुविधा देता है।
मुख्य विशेषताएं और नियम:
- मान्यता प्राप्त शेयर्स की सूची: ग्रो द्वारा स्वीकृत 500 से अधिक कंपनियों (जैसे टीसीएस, रिलायंस, एचडीएफसी बैंक) के शेयर्स गिरवी रखे जा सकते हैं।
- लोन की सीमा (LTV): सेबी और आरबीआई के नियमानुसार, गिरवी रखे शेयर्स के कुल बाजार मूल्य का अधिकतम 50% लोन मिलता है।
- ब्याज दर: 10.5% से 13.5% प्रति वर्ष।
- ऑनलाइन प्लेज प्रक्रिया: सीडीएसएल (CDSL) के जरिए ओटीपी द्वारा 15 मिनट के भीतर लोन स्वीकृत हो जाता है।
- डिविडेंड और बोनस का पूरा हक: शेयर गिरवी होने के बावजूद कंपनी से मिलने वाले डिविडेंड और बोनस शेयर्स सीधे आपके पास ही आते हैं।
मार्जिन कॉल (Margin Call) और शेयर कीमत गिरने का नियम:
मान लीजिए आपने ₹2 लाख के शेयर्स गिरवी रखकर 50% लिमिट पर ₹1 लाख का लोन लिया।
- बाजार में बड़ी गिरावट: यदि शेयर बाजार गिरने से आपके गिरवी शेयर्स की वैल्यू ₹2 लाख से घटकर ₹1.50 लाख रह जाती है, तो लेंडर आपको ईमेल व एसएमएस से तुरंत मार्जिन कॉल का मैसेज भेजता है।
- 24 से 48 घंटे में 2 विकल्प: आप अपने लोन खाते में थोड़ा नकद पैसा जमा करें या अपने पोर्टफोलियो से कुछ और शेयर्स गिरवी रखें।
- शेयर बिकने की नौबत: यदि आप दी गई समय-सीमा में नकद या अतिरिक्त शेयर जमा नहीं करते, तो लेंडर के पास यह कानूनी हक होता है कि वह आपके गिरवी शेयर्स को बाजार में बेचकर अपना लोन और ब्याज वसूल कर ले।
ग्रो लोन के प्रकार और तुलना सारणी
ग्रो के तीनों लोन विकल्पों की मुख्य विशेषताओं की तुलना नीचे दी गई तालिका में की गई है:
| लोन का प्रकार | सालाना ब्याज दर | प्रोसेसिंग फीस व चार्ज | अधिकतम लोन सीमा | जोखिम और सुरक्षा |
|---|---|---|---|---|
| ग्रो पर्सनल लोन | 12.0% से 28.0% | 2% से 4% + GST | ₹5 लाख से ₹10 लाख | कोई सुरक्षा नहीं (बिना गारंटी का लोन) |
| म्यूचुअल फंड के बदले लोन | 10.5% से 12.5% | ₹499 से ₹999 + GST | ₹10,000 से ₹1 करोड़ | म्यूचुअल फंड गिरवी (0 क्लोजर चार्ज) |
| शेयरों के बदले लोन | 10.5% से 13.5% | 0.5% से 1% + GST | शेयर वैल्यू का 50% | शेयर भाव गिरने पर मार्जिन कॉल नोटिस |
ग्रो लोन रिपेमेंट (Repayment) और सावधानियां
- पर्सनल लोन का भुगतान: पर्सनल लोन में हर महीने की तय तारीख को आपके बैंक खाते से निश्चित किस्त (EMI) कटती है।
- म्यूचुअल फंड व शेयर लोन में राहत: इसमें आपको बहुत राहत मिलती है। आप हर महीने केवल ब्याज भर सकते हैं और मूल पैसा जब भी आपके पास आए, लोन खत्म होने से पहले कभी भी जमा कर सकते हैं। ग्रो के आधिकारिक लोन नियमों और सहायता के लिए आप Groww की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
ग्रो लोन लेते समय ध्यान रखने योग्य 5 जरूरी बातें
- 1. सही लोन का चयन: यदि आपके पास ग्रो में म्यूचुअल फंड या शेयर्स हैं, तो महंगे पर्सनल लोन (18% से 24% ब्याज) के चक्कर में न पड़ें। म्यूचुअल फंड पर लोन लें, जिससे आपके 8% से 12% तक ब्याज की बचत होगी।
- 2. मार्जिन कॉल के लिए जगह रखें: शेयर्स पर लोन लेते समय पूरी 50% क्षमता तक पैसा न निकालें। हमेशा 30% से 35% तक ही लोन लें ताकि बाजार गिरने पर शेयर बिकने का खतरा न रहे।
- 3. ऑटो-डेबिट बाउंस न होने दें: किस्त कटने की तारीख से 2 दिन पहले अपने बैंक खाते में पर्याप्त पैसा रखें, वरना बैंक ₹295 से ₹590 तक पेनल्टी काट लेगा।
- 4. सिबिल स्कोर संभालकर रखें: पर्सनल लोन रिजेक्ट होने के तुरंत बाद 4-5 दूसरी लोन ऐप्स पर ट्राई न करें, वरना सिबिल स्कोर बहुत तेजी से नीचे गिर जाएगा।
- 5. पैसा आते ही चुकाएं: म्यूचुअल फंड लोन में जब भी आपके पास अतिरिक्त पैसा आए, तुरंत खाते में जमा कर दें ताकि ब्याज का खर्च कम हो जाए।
संक्षेप में कहें तो, groww app se loan kaise le in hindi की इस विस्तृत गाइड को समझकर आप अपनी जरूरत के अनुसार पर्सनल लोन, म्यूचुअल फंड लोन या शेयर लोन चुनकर 5 मिनट में लोन राशि प्राप्त कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. ग्रो ऐप से 5 मिनट में कितना पर्सनल लोन मिल सकता है?
उत्तर: ग्रो ऐप से आपकी सिबिल प्रोफाइल और पात्रता के आधार पर ₹50,000 से लेकर ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का इंस्टेंट पर्सनल लोन मिल सकता है।
Q2. ग्रो ऐप से लोन लेने के लिए न्यूनतम सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए?
उत्तर: ग्रो ऐप के एनबीएफसी पार्टनर्स से पर्सनल लोन स्वीकृत कराने के लिए आपका सिबिल स्कोर कम से कम 700 या उससे अधिक होना चाहिए।
Q3. लोन रिजेक्ट होने के कितने दिन बाद ग्रो ऐप पर दोबारा अप्लाई करना चाहिए?
उत्तर: लोन रिजेक्ट होने के बाद अपने सिबिल स्कोर और बैंक खाते को ठीक करके कम से कम 30 से 60 दिनों के बाद ही दोबारा अप्लाई करें।
Q4. क्या म्यूचुअल फंड गिरवी रखने पर एसआईपी (SIP) बंद हो जाती है?
उत्तर: नहीं, आपकी एसआईपी और म्यूचुअल फंड का फायदा पहले की तरह ही चलता रहता है। म्यूचुअल फंड केवल सुरक्षा के तौर पर गिरवी रहते हैं।
Q5. क्या ग्रो पर म्यूचुअल फंड लोन बंद करने का कोई चार्ज लगता है?
उत्तर: नहीं, ग्रो पर म्यूचुअल फंड के बदले लिए गए लोन को समय से पहले पूरा बंद करने पर कोई पेनल्टी या चार्ज नहीं लगता।
अस्वीकरण : इस लेख में दी गई ग्रो ऐप से लोन लेने, पर्सनल लोन रिजेक्शन, म्यूचुअल फंड लोन और शेयर लोन की जानकारी ग्रो प्लेटफॉर्म (Groww.in) और उसके पार्टनर लेंडर्स के आधिकारिक दिशानिर्देशों पर आधारित है। समय-समय पर ब्याज दरें और नियम बदल सकते हैं। लोन लेने से पहले ग्रो ऐप पर नियम व शर्तें ध्यानपूर्वक पढ़ें।









